प्रशासनिक अधिकारियों सहित 135 रक्तदाताओं ने किया ब्लड डोनेट।
बेगूं/ चित्तौड़गढ़। रक्तदान केवल किसी जरूरतमंद को खून देना नहीं है, बल्कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक है. रक्त की एक यूनिट किसी की जिंदगी बचा सकती है, किसी परिवार में फिर से मुस्कान ला सकती है. हर वर्ष देशभर में हजारों मरीज दुर्घटना, प्रसव या गंभीर बीमारी के दौरान रक्त की प्रतीक्षा करते हैं. ऐसे में जब समाज का कोई वर्ग स्वेच्छा से आगे बढ़कर रक्तदान करता है, तो यह न केवल जीवनदान का कार्य होता है बल्कि संवेदनशील नागरिकता का परिचायक भी बन जाता है. इसी भाव को साकार करते हुए शनिवार को बेगूं के उप जिला अस्पताल में शनिवार को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर उपखंड प्रशासन, न्याय विभाग, पुलिस और बार संघ के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार आयोजित हुआ, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों सहित आम लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 135 यूनिट रक्त दान किया।कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया इस दौरान एडीजे नीरज कुमार, एसीजेएम डॉ पीयूष जेलिया, उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया, थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने स्वयं भी रक्तदान किया जिससे शिविर में उत्साह का माहौल बन गया। शिविर के दौरान एडीजे नीरज कुमार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बेगूं डॉ. पीयूष जैलिया, उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया, डीएसपी अंजलि सिंह, थानाधिकारी शिवलाल मीणा, अभिभाषक संघ अध्यक्ष एडवोकेट विजय भारद्वाज, पूर्व नपा अध्यक्ष एडवोकेट कैलाश चंद्र शर्मा, एडवोकेट कैलाश मंत्री सहित कई प्रशासनिक ,न्यायिक ,पुलिस अधिकारी, अभिभाषक संघ सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।













