स्थानीय लोगों को रोजगार की दिशा में नितिन स्पिनर्स की विस्तारीकरण योजना
करीब 2000 लोगों को ओर मिलेगा रोजगार।
पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में अहम कदम जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयंत्र लगाया।
बेगूं/चित्तौड़गढ़। उपखंड क्षेत्र में संचालित नितिन स्पिनर्स लिमिटेड ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में अहम कदम उठाया हे ।
महाप्रबन्धक कार्मिक अजय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बेगूं उपखंड क्षेत्र के भंवरियां कलां में संचालित नितिन स्पिनर्स लिमिटेड के विस्तारीकरण में संस्थान द्वारा लगभग 1100 करोड़ रूपये से संस्थान में स्पिनिंग, विविंग, व डाईंग की उत्पादन क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि संस्थान में वर्तमान समय में लगभग 3 हजार कर्मचारी कार्यरत है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत भागीदारी स्थानीय लोगो की है तथा नए विस्तारीकरण में लगभग 2 हजार नए कर्मचारियो की भर्ती का लक्ष्य रखा गया, जिसमें स्थानीय लोगो को प्राथमिकता दी जाएगी। संस्थान में कार्यरत कर्मचारियो को मिलने वाली सुविधाओ के बारे में महाप्रबंधक शर्मा ने बताया कि संस्थान सभी श्रम कानूनो का पालन करते हुए अपने कर्मचारियो को कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, ग्रेच्यूटी, दुर्घटना बीमा आदि की सुविधाए पूर्ण रूप से दे रहा है। इसके साथ ही संस्थान अपने कर्मचारियो की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा मानको का पूर्णतः पालन करते हुए शून्य दुर्घटना का लक्ष्य भी रखता है। संस्थान द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिवर्ष 3 हजार पौधारोपण व वितरण के अपने लक्ष्य पर निरंतर कार्य कर रहा है।
इसी प्रकार संस्थान द्वारा इकाई में पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण के लिए इटली द्वारा निर्मित उच्च तकनिकी संयत्र जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) लगाया गया है, जिसकी अनुमानित
कीमत 25 करोड़ है और यह राजस्थान राज्य में पहली निर्मित ईकाई है, जो इस प्लांट द्वारा लगभग 96 प्रतिशत पानी का शोधन करके पुनः उपयोग में लिया जाता है एवं बचा हुआ 4 प्रतिशत अशोधित अवशेष राज्य सरकार द्वारा अधिकृत डिस्पोजल एजेंसी को जमा कराया जाता है इस तरह यह प्लांट पूर्णतः जेडएलडी प्लांट है। उन्होंने कहा कि नितिन स्पिनर्स लिमिटेड देश की एक अग्रणी धागा व वस्त्र निर्माता ईकाई है, जो केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा बनाये गये कानूनो व नियमो का पूर्णतः पालन करती है। संस्थान द्वारा अपने उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत विदेशो में निर्यात करती है। संस्थान द्वारा राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत एजेंसी द्वारा सभी प्रकार के मापदण्डो के लिए समय समय पर ऑडिट कराए जाते है। इसके साथ ही संस्थान अपने सामाजिक सरोकार कार्यक्रमो के अन्तर्गत स्कूलो, अस्पतालो व पंचायतो में समय-समय पर आर्थिक सहयाग भी करता है। संस्थान का उद्देश्य स्थानीय रोजगार को बढाते हुए देश की आर्थिक प्रगति में पूर्ण सहयोग व देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सर्वांगीण विकास करना है।









